कति चढे उकाली कति झरे ओराली
कति वसे एकान्त कति पुगे विरानी
मुटु भित्र आगो वल्छ प्रेम संसार जल्छ
नसोचेको भाग्य माथी हुरी वतास चल्छ
मन संगै आशा टुट्छ अर्कै दुनिया वन्छ
नजानेरै माया गास्दा त्यसै पहिरो चल्छ
March 26, 2006
कति चढे उकाली कति झरे ओराली
कति वसे एकान्त कति पुगे विरानी
मुटु भित्र आगो वल्छ प्रेम संसार जल्छ
नसोचेको भाग्य माथी हुरी वतास चल्छ
मन संगै आशा टुट्छ अर्कै दुनिया वन्छ
नजानेरै माया गास्दा त्यसै पहिरो चल्छ